वाक्य का अर्थ अंग प्रकार प्रयोग पहचान और उपभेद।
वाक्य (विशेष :-सीबीएसई के ए कोर्स हिंदी, पाठ्यक्रम में नाइंथ कक्षा में अर्थ के आधार पर वाक्य हैं तथा 10th क्लास में रचना के आधार पर वाक्य है) शब्दों के सार्थक क्रम बद्ध समूह को वाक्य कहते हैं। वाक्य मानव मन के भावों और विचारों को व्यक्त करने वाली भाषा की लघुतम इकाई है जिसके माध्यम से हम अपने भावों और विचारों को समझते हैं और समझाते हैं। इस विषय बिंदु में हम कक्षा नवम और कक्षा दशम दोनों विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए वाक्यों के अंग वाक्यों के प्रकार रचना के आधार पर वाक्य एवं अर्थ के आधार पर वाक्य दोनों का अध्ययन करेंगे। वाक्य के अंग रचना के आधार पर वाक्य के 2 अंग होते हैं उद्देश्य और विधेय। उद्देश्य वाक्य का वह भाग जिस के विषय में वाक्य में कुछ कहा जाता है ,या विधान किया जाता है इसके अंतर्गत करताक एवं कर्ता के विस्तारक आते हैं, यह उद्देश्य कहलाता है। जैसे -किसान खेतों में हल चला रहे हैं । इस वाक्य में खेत में हल चलाने का काम किसान कर रहा है तो किसान खेतों में यह वाक्य का उद्देश्य है और हल चला रहे हैं यह वाक्य का विधेय है। विधे य - ...