छोटा मेरा खेत
1. पाठ का सारांश (Summary) 'छोटा मेरा खेत' कविता उमाशंकर जोशी द्वारा रचित है, जिसका हिंदी अनुवाद भोलाभाई पटेल ने किया है। इस कविता में कवि ने कृषि कर्म (खेती) और लेखन कर्म (कविता रचना) के बीच की समानता को बहुत सुंदर ढंग से दर्शाया है। कागज का पन्ना और खेत: कवि के लिए कागज का एक चौकोर पन्ना एक छोटे खेत के समान है। जब विचार रूपी बीज इस कागज रूपी खेत में बोए जाते हैं, तो वह सृजन की शुरुआत होती है। भावों का अंकुरण: जिस प्रकार खेत में बीज बोने के बाद पानी और खाद पाकर पौधे अंकुरित होते हैं, उसी प्रकार मन में उठने वाले भाव और कल्पनाएँ शब्दों का रूप लेकर पन्ने पर उभरती हैं। अमृत का फल और अनंत काल तक कटाई: खेत की फसल एक समय के बाद समाप्त हो जाती है, लेकिन कविता रूपी फसल हमेशा के लिए अमर हो जाती है। इसके रस का पान पाठक सदियों तक करते हैं और यह कभी भी समाप्त नहीं होती। सृजन का यह आनंद अक्षय (कभी न खत्म होने वाला) होता है। 2. महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Question-Answers) प्रश्न 1: 'छोटा मेरा खेत' कविता में पन्ने की तुलना खेत से क्यों की ...