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गलता लोहा

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प्रश्न 1: कहानी के किस पात्र ने आपको सबसे अधिक प्रभावित किया और क्यों? उत्तर: कहानी में मोहन का पात्र सबसे अधिक प्रभावित करता है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं: मेहनती और आज्ञाकारी: मोहन बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि (तेज़ दिमाग) का छात्र था और अपने गुरु व माता-पिता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करता था। संवेदनशील और समझदार: परिस्थितियों के चक्र में फंसकर उसे अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी और धनराम लोहार के यहां हथौड़ा चलाना पड़ा, लेकिन उसने कभी अपनी स्थिति को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। श्रम का सम्मान: मोहन बिना किसी हीनभावना के लोहे का काम सीखता है और अंत में धनराम की दुकान पर आत्मविश्वास के साथ फूँकनी मारकर धौंकनी चलाने और लोहे को सही आकार देने का कार्य करता है। उसका यह आचरण श्रम के प्रति उसकी सच्ची निष्ठा को दर्शाता है। प्रश्न 2: मोहन के लखनऊ जाने के बाद के जीवन और उसकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में क्या बताया गया है? उत्तर: मोहन मेधावी छात्र था। उसके शिक्षक त्रिलोक सिंह मास्टर के कहने पर रमेश उसे अपने साथ उच्च शिक्षा दिलाने के लिए लखनऊ ले गया था। लखनऊ जाने के बाद मोहन का जीवन पूर...

नौबत खाने में इबादत

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प्रमुख अभ्यास प्रश्न और उत्तर ​ प्रश्न 1. शहनाई की दुनिया में डुमराँव को क्यों याद किया जाता है? ​ उत्तर: शहनाई की दुनिया में डुमराँव को मुख्य रूप से दो कारणों से याद किया जाता है: ​महान शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ का जन्म बिहार के इसी डुमराँव गाँव में हुआ था। ​शहनाई बजाने के लिए जिस 'रीड' (नरकट घास) का प्रयोग किया जाता है, वह अंदर से पोली होती है और वह नरकट मुख्य रूप से डुमराँव में सोन नदी के किनारे पाया जाता है।  प्रश्न 2. बिस्मिल्ला खाँ को शहनाई की मंगलध्वनि का नायक क्यों कहा गया है? उत्तर: शहनाई एक ऐसा वाद्य यंत्र है जिसे शुभ और मांगलिक अवसरों (जैसे विवाह, उत्सव आदि) पर बजाया जाता है। बिस्मिल्ला खाँ ने अपनी पूरी जिंदगी (लगभग 80 वर्षों से अधिक) इस वाद्य को समर्पित कर दी और इसे पूरी दुनिया में लोकप्रिय बनाया। उनकी कला के कारण ही शहनाई और बिस्मिल्ला खाँ एक-दूसरे के पर्याय बन गए थे, इसलिए उन्हें 'शहनाई की मंगलध्वनि का नायक' कहा जाता है।   प्रश्न 3. 'सुषिर-वाद्यों' से क्या अभिप्राय है? शहनाई को 'सुषिर-वाद्यों में शाह' की उ...

half yearly exam 2026 ke sarvshreshth 15 Chhatra class 6a

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बादल राग

'बादल राग' — पाठ का सार (Summary) 1. विषय-वस्तु और मूल भाव 'बादल राग' प्रगतिवादी चेतना से ओत-प्रोत कविता है। इसमें निराला जी ने बादलों को केवल जल बरसाने वाला प्राकृतिक रूप न मानकर सामाजिक क्रांति, बदलाव और नवसृजन का प्रतीक माना है। कवि ने समाज के दो प्रमुख वर्गों—शोषक वर्ग (पूँजीपति) और शोषित वर्ग (किसान एवं मजदूर) के बीच के अंतर को बादलों के माध्यम से अभिव्यक्त किया है। 2. मुख्य बिंदु संसार की अस्थिर सुख-छाया पर क्रांति की आशंका: कवि कहते हैं कि इस संसार में सुख अस्थाई है। जिस प्रकार सुख के ऊपर हमेशा दुःख की छाया मंडराती रहती है, उसी प्रकार शोषक वर्ग के सुख-वैभव पर हमेशा क्रांति (बादलों) की आशंका बनी रहती है। क्रांतिदूत के रूप में बादल: बादल आकाश में तैरती हुई रणतरी (युद्ध की नाव) के समान प्रतीत होते हैं। उनकी गगनभेदी गर्जना और मूसलाधार वर्षा से धरती की भीषण गर्मी से व्याकुल शोषित जनता को राहत मिलती है और नया जीवन मिलता है। शोषक वर्ग का भय (आतंक-भवन): जब क्रांति रूपी बादल गरजते हैं, तो धनी और पूँजीपति वर्ग के ऊँचे-ऊँचे महल ('अट्टालिका') उन्हें सुख के केंद्र नही...

जामुन का पेड़

पाठ: जामुन का पेड़ (बहुविकल्पीय प्रश्न) 1. 'जामुन का पेड़' पाठ किस विधा की रचना है? (क) एकांकी (ख) हास्य-व्यंग्य कथा (ग) निबंध (घ) संस्मरण 2. रात को आए आँधी-तूफान में जामुन का पेड़ कहाँ गिरा था? (क) अस्पताल के प्रांगण में (ख) सेक्रेटेरियट (सचिवालय) के लॉन में (ग) स्कूल के मैदान में (घ) पार्क में 3. जामुन का पेड़ गिरने से उसके नीचे कौन दब गया था? (क) एक क्लर्क (ख) एक माली (ग) एक दबा हुआ आदमी (कवि) (घ) एक अफ़सर 4. जामुन के पेड़ के गिरने पर क्लर्क किस बात का अफ़सोस जता रहे थे? (क) दबे हुए आदमी की चोट का (ख) पेड़ के रसीले जामुनों का (ग) सेक्रेटेरियट के नुकसान का (घ) माली की मेहनत का 5. दबे हुए आदमी को सबसे पहले किसने खाना खिलाया और उसकी देखभाल की? (क) सुपरिंटेंडेंट ने (ख) माली ने (ग) चपरासी ने (घ) अंडर-सेक्रेटरी ने 6. पेड़ हटाने की फ़ाइल सबसे पहले किस विभाग में भेजी गई? (क) कृषि विभाग (Agriculture Department) (ख) उद्यान विभाग (Horticulture Department) (ग) व्यापार विभाग (Commercial Department) (घ) मेडिकल विभाग (Medical Department) 7. एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट ने पेड़ हटाने की ज़िम्मेदा...

अर्धवार्षिक परीक्षा प्रश्न पत्र हल 12 क्लास

 4. क.आधार कहानी नाटक मूल स्वरूपयह पठ्य या श्रव्य विधा है (इसे पढ़ा या सुना जाता है)।यह दृश्य-श्रव्य विधा है (इसे रंगमंच पर देखा और सुना जाता है)। प्रस्तुतीकरणइसमें लेखक घटना या चरित्र का वर्णन करता है।इसमें पात्र अभिनय और संवादों के माध्यम से कथा प्रस्तुत करते हैं। कथानक का विस्तारइसमें देशकाल, वातावरण और चरित्र का लंबा वर्णन संभव है।इसमें दृश्य सीमित होते हैं और वर्णन की जगह क्रिया-व्यापार (action) मुख्य होता है। समय सीमाइसे अपनी गति से कभी भी पढ़ा जा सकता है।यह समय सीमा से बँधा होता है (सामान्यतः 2-3 घंटे में संपन्न होना आवश्यक है)। तत्वइसमें 6 मुख्य तत्व होते हैं: कथानक, पात्र, संवाद, देशकाल, उद्देश्य और शैली।इसमें कहानी के तत्वों के साथ-साथ रंगमंचता (Stagecraft) और अभिनेयता (Actability) अनिवार्य है। पात्रों की संख्याकहानी में पात्रों की संख्या सीमित या अधिक हो सकती है।नाटक में मंच को ध्यान में रखकर पात्रों की संख्या नियंत्रित रखी जाती है। ख.फ्रीलांसर पत्रकार (Freelance Journalist) वह स्वतंत्र पत्रकार होता है जो किसी एक मीडिया संस्थान (जैसे समाचार पत्र, टीवी चैनल या वेबसाइट) का...