अर्धवार्षिक परीक्षा प्रश्न पत्र हल 12 क्लास
4. क.आधार कहानी नाटक मूल स्वरूपयह पठ्य या श्रव्य विधा है (इसे पढ़ा या सुना जाता है)।यह दृश्य-श्रव्य विधा है (इसे रंगमंच पर देखा और सुना जाता है)। प्रस्तुतीकरणइसमें लेखक घटना या चरित्र का वर्णन करता है।इसमें पात्र अभिनय और संवादों के माध्यम से कथा प्रस्तुत करते हैं। कथानक का विस्तारइसमें देशकाल, वातावरण और चरित्र का लंबा वर्णन संभव है।इसमें दृश्य सीमित होते हैं और वर्णन की जगह क्रिया-व्यापार (action) मुख्य होता है। समय सीमाइसे अपनी गति से कभी भी पढ़ा जा सकता है।यह समय सीमा से बँधा होता है (सामान्यतः 2-3 घंटे में संपन्न होना आवश्यक है)। तत्वइसमें 6 मुख्य तत्व होते हैं: कथानक, पात्र, संवाद, देशकाल, उद्देश्य और शैली।इसमें कहानी के तत्वों के साथ-साथ रंगमंचता (Stagecraft) और अभिनेयता (Actability) अनिवार्य है। पात्रों की संख्याकहानी में पात्रों की संख्या सीमित या अधिक हो सकती है।नाटक में मंच को ध्यान में रखकर पात्रों की संख्या नियंत्रित रखी जाती है। ख.फ्रीलांसर पत्रकार (Freelance Journalist) वह स्वतंत्र पत्रकार होता है जो किसी एक मीडिया संस्थान (जैसे समाचार पत्र, टीवी चैनल या वेबसाइट) का...