Posts

Showing posts from October, 2024

किशोरावस्था में वासना का ज्वर

Image
 प्रिय छात्रों! सदा प्रसन्न रहो और सन्मार्ग पर बढ़ो। किसी शायर ने लिखा था शमा कहे परवाने से परे चला जा मेरी तरह जल जाएगा पास नहीं आ। सब को यही लगता है कि पतंगें को दीपक  से प्रकाश से प्यार है, पर हम जरा गौर से सोचें तो अगर उसे प्रकाश से प्यार है तो सूरज से भी होना चाहिए न आखिर दिन में कहां चले जाते हैं पतंगें? अर्थात उन्हें प्रकाश से नहीं तम ,अज्ञान से  अंधेरे  की चाह है।वह तम जो उन्हें विनाश की ओर ले जाता है।पता है ये पतंगा  की स्तिथि मनुष्य में कब दिखती है बच्चों?जब वह 12-13वर्ष की अवस्था पार करके किशोरावस्था में प्रवेश करता है।जो अवस्था अभी आप पर चल रही है।ये अवस्था तपस्या की अवस्था है पर कुछ ही तपस्वी टिक पाते हैं क्योंकि वे बल को विवेक पर हावी नहीं होने देते बस अपने लक्ष्य पर हर पल  अर्जुन की तरह दृष्टि गढाए रहते हैं वरना तो अधिकांश के विवेक पर बल हावी होने लगता है जो धीरे-धीरे बालकों को पशुता की ओर ले जाता। विवेक हीन बल तो पशु के पास ही होता है। कुछ का विवेक ,संगति,और परवरिश उसे पशु नहीं बनने देती। बड़े ही पुण्यात्मा और भाग्यशाली होते हैं वे बालक जिन्...