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पहले अपने घर की सफाई आवश्यक

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  इस नवरात्रि में भारतवर्ष में स्वयंसेवकों  का डंका बज रहा है। क्योंकि आने वाली विजया दशमी को संघ का सौ वां स्थापना दिवस है। देश निर्माण और उत्थान हेतु आयोजन हो रहे हैं और लिए जा रहे हैं विविध संकल्प। पर विचारणीय यह है कि राष्ट्र की  सबसे पहली  इकाई है व्यक्ति ,जिनसे परिवार और परिवारों से राष्ट्र का निर्माण होता है। राष्ट्र निर्माण की एक कड़ी है -"सप्त शक्ति संगम,,"।गीता के दशवें अध्याय का 34 वां श्लोक इसकी सूक्ति है।जो इस प्रकार है- " कीर्ति श्रीवाक च नारीणां स्मृतिर्मेधा धृति क्षमा।" भगवान श्री कृष्ण ने नारियों की सात शक्ति बताईं है- 1.- कीर्ति (यश, गरिमा,महिमा) 2.श्री  (लक्ष्मी-परिवार में सदाचार युक्त पुरुषार्थ से धनोपार्जन और संचयन) 3. वाक-(परिवार जोड़ने के लिए  स्नेह युक्त ,संयमित ,उचित, विनम्रता पूर्ण वाक्चातुर्य पूर्ण भाषा का प्रयोग।) 4.स्मृति-(छोटी से छोटी बात संस्कार रीति नीति परम्परा को याद रख संस्कृति को संवहन और परिमार्जन की शक्ति) 5-मेधा-(धारणा शक्ति,समझ, तर्कनिष्ठता, संश्लेषण विश्लेषण परिणाम बोध) 6.धृति-(धैर्य ,सहनशीलता, दृढ़ता) 7.क्षमा(स्वयं ...

अर्ध वार्षिक। मुख्य विंदु

 मुख्य विंदु -रेडियो रूपक ,नाटक,कहानी, रूपांतरण,विशेष लेखन,आलेख,फीचर, पत्र, गद्य -प्रथम पाठ से कैमरे में बंद अपाहिज,काले मेघा पानी पहलवान की ढोलक जूझ।   रेडियो रूपक  रेडियो की एक सर्जनात्मक विधा है जिसमें किसी विषय को रोचक और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए आवाज़ों, संगीत, ध्वनि प्रभावों, संवादों और वास्तविक रिकॉर्डिंग का एक 'कोलाज' या समुच्चय तैयार किया जाता है .  यह तथ्यों पर आधारित होता है, लेकिन इसमें कल्पना और रचनात्मकता की पूरी गुंजाइश होती है, ताकि श्रोताओं के लिए प्रस्तुति नीरस न लगे.   रेडियो रूपक की मुख्य विशेषताएँ तथ्यों पर आधारित:   रूपक का मूल आधार वास्तविक तथ्य या घटनाएँ होती हैं.   सर्जनात्मक प्रस्तुति:   तथ्यों को आकर्षक और रोचक बनाने के लिए रचनात्मक तकनीकों का उपयोग किया जाता है.   ध्वनि-आधारित:   इसमें आवाज़ों, संगीत, और ध्वनि प्रभावों का कलात्मक प्रयोग किया जाता है.   विषयों की विविधता:   सामाजिक समस्याओं, ऐतिहासिक घटनाओं, या किसी भी विषय को गहराई से प्रस्तुत किया जा सकता है.   प्रभावी संचार:   ...

दंतुरित मुस्कान

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मंगल भवन अमंगल हारी

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लेखन एवं संयोजन निर्देशन सरला भारद्वाज  नाटक मंगल भवन अमंगल हारी  प्रथम दृश्य   - (मंच पर माधव का प्रवेश ) माधव- भैया ओ भैया अविरल--हां माधव बोलो!  माधव -आज क्लास में सर ने एक चैप्टर पढाया और बताया की अंग्रेजों ने भारत को जातियों मे बांट कर आपस में लड़ाया। क्या यह बात सच है भैया? अविरल -हां बेटा बिल्कुल सच है,  भारत में यह जातियां पहले नहीं  थी,  केवल कर्म था। जातियां तो बस दो ही थीं।वह थीं सभ्यता के आधार पर,! माधव- कौन कौन सी जातियां? अविरल -बस दो ही जातियां  थीं यह थी  मानव  जाति और दानव जाति ।  माधव -मतलब?  अविरल -जो सनातन सभ्यता के मार्ग पर चलते थे, वे थे मानव!  और जो सभ्यता संस्कृति को कुचलकर दूसरों को सताने में लगे रहते थे ,वह थे दानव! माधव-फिर वह दानव कहां गये? सब खत्म हो गये? अविरल - नहीं माधव यह दानव हर युग में पाए जाते हैं। इनका अंत करने  के लिए कभी राम को आना पड़ता है तो कभी कृष्ण को और कभी किसी अन्य महापुरुष को। महापुरुष से याद आया, मैंने सुना  है तुम्हारे विद्यालय के छात्र जनक पुरी के लिए कुछ तै...

हिंदी सप्ताह आयोजन

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  11/9/2025 ये प्रतियोगिता होने वाली है चुनौतीपूर्ण उल्लास भरी 75,की स्पीड पर दो मिनट की वीडियो ओडियो को सुनकर शुद्ध सुंदर त्रुटि रहित लिखना। कम से कम त्रुटि करने वाला होगा विजेता। इसमें हम परखेंगे बालकों की एकाग्रता, धैर्य,ग्राह्यता,लेखन कौशल। वीडियो धारा प्रवाह लेखन हेतु https://youtu.be/IgEZRQnL7Yc?si=H2XWmiG6zSiEYzF6 कापी करें फिर चलाए। 9/9/2025 https://youtu.be/zxy0cE05a38?si=roRzQLOhK_3jgBv2 https://youtu.be/TFmbmHKddJc?si=D4J_Wn6AAzARmuKX 11/9/2025। कल की प्रतियोगिता होने वाली है चुनौतीपूर्ण उल्लास भरी 75,की स्पीड पर दो मिनट की वीडियो ओडियो को सुनकर शुद्ध सुंदर त्रुटि रहित लिखना। कम से कम त्रुटि करने वाला होगा विजेता। इसमें हम परखेंगे बालकों की एकाग्रता, धैर्य,ग्राह्यता,लेखन कौशल। प्रतियोगिता नम्बर एक- शब्द कपड ,शब्द सुधार ,एवं प्रश्न मच प्रथम चरण - भाषा सुधार  द्वितीय चरण -प्रश्न मंच, सुंदरकांड प्रश्न मंच, हनुमान जयंती -  March 28, 2023 6अप्रेल 2023 हनुमान जयंती   *सुंदरकांड प्रश्नोत्तरी,  1*तुलसीदास ने सुंदरकांड के मंगलाचरण में प्रथम श्लोक में वंदन...