विशेष लेखन
प्रश्न 1:
समाचार-पत्र-पत्रिकाओं में विशेष लेखन किन विषयों पर किया जाता है?
उत्तर –
समाचार-पत्र-पत्रिकाओं में विशेष लेखन खेल, अर्थ-व्यापार, सिनेमा या मनोरंजन आदि विषयों पर किया जाता है।
प्रश्न 2:
विशेष लेखन क्यों किया जाता है?
उत्तर –
विशेष लेखन इसलिए किया जाता है, क्योंकि
इससे समाचार-पत्रों में विविधता आती है और उनका कलेवर बढ़ता है।
पाठकों की व्यापक रुचियों को ध्यान में रखते हुए उनकी जिज्ञासा शांत करते हुए मनोरंजन करने के लिए विशेष लेखन किया जाता है।
प्रश्न 3:
विशेष संवाददाता किन्हें कहते हैं?
उत्तर –
जिन रिपोर्टरों द्वारा विशेषीकृत रिपोर्टिग की जाती है, उन्हें विशेष संवाददाता कहते हैं।
प्रश्न 4:
फ्री-लांस पत्रकार किन्हें कहते हैं?
उत्तर –
एक निश्चित भुगतान लेकर अलग-अलग समाचार-पत्र-पत्रिकाओं के लिए समाचार-लेखन करने वाले पत्रकारों को फ्री-लांस पत्रकार कहते हैं।
प्रश्न 5:
क्रिकेट की कमेंट्री करने वाले दो प्रसिदध व्यक्तियों के नाम लिखिए।
उत्तर –
नरोत्तम पुरी
जसदेव सिंह
हर्ष भोगले
प्रश्न 6:
कारोबार एवं व्यापार क्षेत्र से जुड़ी पाँच शब्दावली लिखिए।
उत्तर –
मुद्रा-स्फीति
तेजड़िए
बिकवाली
निवेशक
व्यापार घाटा
प्रश्न 7:
विशेष लेखन के किन्हीं पाँच क्षेत्रों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर –
खेल
अर्थ-व्यापार
विज्ञान प्रौद्योगिकी
कृषि
पर्यावरण
प्रश्न 7:
विशेष लेखन के किन्हीं पाँच क्षेत्रों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर –
खेल
अर्थ-व्यापार
विज्ञान प्रौद्योगिकी
कृषि
पर्यावरण
प्रश्न 8:
कारोबार और अर्थजगत से जुड़ी रोजमर्रा की खबरें किस शैली में लिखी जाती हैं?
उत्तर –
कारोबार और अर्थजगत से जुड़ी रोजमर्रा की खबरें उलटा पिरामिड शैली में लिखी जाती हैं।
प्रश्न 9:
विशेषीकृत पत्रकारिता से आप क्या समझते हैं?
उत्तर –
वह पत्रकारिता, जो किसी घटना की तह में जाकर उसका अर्थ स्पष्ट करे और पाठकों को उसका महत्त्व बताए, विशेषीकृत पत्रकारिता कहलाती है।
प्रश्न 10:
डेस्क से आप क्या समझते हैं? अथवा डेस्क किसे कहते हैं?
उत्तर –
समाचार-पत्रों, टीवी, रेडियो चैनलों में विशेष लेखन के लिए अलग डेस्क होता है, जिन पर समाचारों का संपादन करके छपने योग्य बनाया जाता है।
प्रश्न 11:
पत्रकारिता में ‘बीट’ शब्द का क्या अर्थ है?
अथवा
मीडिया की भाषा में ‘बीट’ किसे कहते हैं?
उत्तर –
समाचार कई प्रकार के होते हैं; जैसे-राजनीति, अपराध, खेल, आर्थिक, फ़िल्म तथा कृषि संबंधी समाचार आदि। संवाददाताओं के बीच काम का बँटवारा उनके ज्ञान एवं रुचि के आधार पर किया जाता है। मीडिया की भाषा में इसे ही बीट कहते हैं।
प्रश्न 12:
बीट रिपोर्टर की रिपोर्ट कब विश्वसनीय मानी जाती है?
उत्तर –
बीट रिपोर्टर को अपने बीट (क्षेत्र) की प्रत्येक छोटी-बड़ी जानकारी एकत्र करके कई स्रोतों द्वारा उसकी पुष्टि करके विशेषज्ञता हासिल करना चाहिए। तब उसकी खबर विश्वसनीय मानी जाती है।
प्रश्न 13:
विशेष लेखन क्या है?
उत्तर –
अखबारों के लिए समाचारों के अलावा खेल, अर्थ-व्यापार, सिनेमा या मनोरंजन आदि विभिन्न क्षेत्रों और विषयों संबंधित घटनाएँ, समस्याएँ आदि से संबंधित लेखन विशेष लेखन कहलाता है। इस प्रकार के लेखन की भाषा और शैली समाचारों की भाषा-शैली से अलग होती है।
प्रश्न 14:
विशेष लेखन की भाषा-शैली संबंधी विशेषता का वर्णन कीजिए।
उत्तर –
विशेष लेखन किसी विशेष विषय पर या जटिल एवं तकनीकी क्षेत्र से जुड़े विषयों पर किया जाता है, जिसकी अपनी विशेष शब्दावली होती है। इस शब्दावली से संवाददाता को अवश्य परिचित होना चाहिए। उसे इस तरह लेखन करना चाहिए कि रिपोर्ट को समझने में परेशानी न हो।
प्रश्न 14:
विशेष लेखन की भाषा-शैली संबंधी विशेषता का वर्णन कीजिए।
उत्तर –
विशेष लेखन किसी विशेष विषय पर या जटिल एवं तकनीकी क्षेत्र से जुड़े विषयों पर किया जाता है, जिसकी अपनी विशेष शब्दावली होती है। इस शब्दावली से संवाददाता को अवश्य परिचित होना चाहिए। उसे इस तरह लेखन करना चाहिए कि रिपोर्ट को समझने में परेशानी न हो।
प्रश्न 15:
आज विशेष लेखन के कौन-कौन से क्षेत्र महत्वपूर्ण हैं?
उत्तर –
आज खेल, कारोबार, सिनेमा, मनोरंजन, फैशन, स्वास्थ्य विज्ञान, पर्यावरण, शिक्षा, जीवनशैली, रहन-सहन जैसे क्षेत्र विशेष लेखन हेतु महत्वपूर्ण हैं।
स्वयं करें
खेलों के बारे में पढ़ने वालों की संख्या अधिक होती है, क्यों?
समाचार-पत्रों में खेल-संबंधी खबरें किन रूपों में छपी होती हैं?
उन क्षेत्रों के नाम लिखिए, जिनमें विशेषीकृत रिपोर्टिग को प्राथमिकता दी जाती है।
बीट रिपोर्टिग और विशेषीकृत रिपोर्टिग में अंतर लिखिए।
विशेष लेखन किसे कहते हैं?
बीट रिपोर्टर की रिपोर्ट कब विश्वसनीय बन जाती है?
विशेष लेखन और सामान्य लेखन की भाषा-शैली में क्या अंतर होता है?
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