8th classलाख की चूड़ियां पाठ 2. बसंत भाग3

पाठ सारांश

लेखक को अपनी नानी के गांव जाना बड़ा पसंद था। जब वह छोटा था तो अपनी नानी के गांव बड़े चाव से जाता था ।उसके नानी के गांव में एक बबलू नाम का मनिहार रहता था ।जो लाख की चूड़ियों का व्यवसाय करता था ।लेखक बदलू के पास जाकर बहुत घंटों बैठा रहता था क्योंकि वहां लाख की चूड़ियों से बची हुई लाख   से बदलू बच्चों के खेलने के लिए रंग बिरंगी गोलियां बना देता था।लेखक बदलू को मामा न कहकर काका कहता था क्योंकि गांव वाले सभी बच्चे बदलू को काका ही कहते थे। लेखक बदलू के पास मचीया पर बैठा रहता बदलू उसे खाने को आम देता और गाय का दूध पीने को देता बड़े प्यार से लार से वह लेखक से बात करता लेखक को उसके पास बैठना बहुत अच्छा लगता था ।
चूड़ियां बनाता तो लकड़ी की बेलनाकार लकड़ी पर चूड़ियों को पहनाकर ऐसे देखा जैसे कोई नई नवेली दुल्हन को चूड़ी पहना रहा हो।गांव भर के लोग उससे चूड़ियां खरीदकर पहनते थे शादी और विवाह के समय बदलू के बड़े भाव बदल जाते थे वह लोगों से दोगुने दाम लेता था ने नेग मानता था क्योंकिलाख की चूड़ियों का जोड़ा सुहाग का प्रतीक माना जाता है था परंतु कुछ समय कांच की चूड़ियां बनना शुरू हो गई जिन्हें देखकर बदलू जलकुंड जाता था कांच की चूड़ियां से बिल्कुल पसंद नहीं तो उसका मानना था कि कांच की चूड़ियां तो मैम साहब पहनती हैं। गांव भर के लोग उसकी जरूरत का सामान उसे देकर बदले में चूड़ियां लेते थे अर्थात पूरे गांव में वस्तु विनिमय का प्रचलन था।






प्रश्न उत्तर अभ्यास
प्रश्न नंबर 1
बचपन में लेखक को अपनी नानी के गांव जाना क्यों पसंद था?

उत्तर बचपन में लेखक जब अपनी नानी के यहां छुट्टियों में जाता था तो वहां उसे खेलने के लिए रंग बिरंगी लाख की गोलियां मिलती थी उस गांव में बबलू नाम का मनिहार खूबसूरत रंग बिरंगी लाख की चूड़ियां बनाता था जिन से बची हुई लाख में से बच्चे रंग बिरंगी गोलियां बनाकर खेलती थी लेखक को नानी के गांव में खूब आम भी खाने को मिलते थे इसलिए लेखक बड़े चाव से नानी के गांव जाता था।

प्रश्न 2
 वस्तु विनिमय किसे कहते हैं?

उत्तर एक वस्तु के बदले दूसरी वस्तु को लेना या देना अर्थात वस्तुओं के बदले वस्तुओं के आदान प्रदान की पद्धति वस्तु विनिमय कहलाती है पुराने समय में मुद्रा का प्रचलन नहीं था वस्तु विनिमय पद्धति से ही लोग अपना जीवन यापन करते थे अपने जरूरत की चीजों को दूसरी चीजों के बदले में लिया और दिया करती थे।

प्रश्न 3 मशीनी युग ने कितने लोगों के हाथ काट दिए हैं इस पंक्ति में  लेखक ने किस व्यथा की ओर संकेत किया है?

उत्तर .मशीनी युग ने न जाने कितने लोगों के हाथ काट दिए हैं इस पंक्ति का भाव है कि आज हर एक काम मशीनों से ही हो रहा है जिसके कारण बहुत सारे लोगों को बेरोजगार होना पड़ रहा है क्योंकि बहुत सारे लोगों का काम मशीनें करने लगी हैं मजदूरों का स्थान मशीनों ने ले लिया है जिससे बेरोजगारी की और भुखमरी की समस्या बढ़ गई है,। एक और तो हमने विकास किया है ।प्रगति की है। दूसरी ओर लोगों के रोजगार छिन गए हैं इस पंक्ति में लेखक ने इसी व्यथा की ओर संकेत किया है।

प्रश्न नंबर 4
बबलू की ऐसी कौन सी व्यथा थी जो लेखक के मन से छुपी न रह सकी?

उत्तर-बदलू की गरीबी आर्थिक स्थिति चरमरा ने और धंधा चौपट होने की व्यथा लेखक से छिपी न रह सकी क्योंकि लाख की चूड़ियों का व्यवसाय ठप होने के कारण लेखक के जीवन में बहुत सारे परिवर्तन आए थे वह दाने-दाने को मोहताज हो गया था वह बीमार रहने लगा था उसे अपनी गाय भी बेचनी पड़ी थी बदलो अपनी व्यथा को छुपाना चाहता था लेखक को बताना नहीं चाहता था परंतु  लेखक के मन में बदलू के मन की पीड़ा को समझ लिया था।


प्रश्न 5
मशीनी युग के कारण बदलू के जीवन में क्या क्या बदलाव आए?

उत्तर .बदलू के जीवन में मशीनी युग के कारण बहुत सारे बदलाव आए जैसे अब सभी महिलाओं ने कांच की चूड़ियां पहनना शुरू कर दिया था वह अब लाख की चूड़ियां नहीं पहनती थी जिसके कारण बदलू का लाख की चूड़ियों का व्यवसाय ठप हो गया था वह आर्थिक रूप से बहुत तंग हो चुका था गरीबी के कारण वह परेशान रहने लगा था मानसिक तनाव के कारण वह बीमार रहने लगा था उसे अपनी गाय भी बेचनी पड़ी थी आदि।


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